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Thursday, May 30, 2024

अंतर्राष्ट्रीय मातृत्व दिवस पर हुआ माताओं का सम्मान,,, आईजी अंकित गर्ग ने कहा- शहीद जवानों की शहादत को कभी नहीं बुलाया जा सकता,,,, एसपी विजय अग्रवाल ने कहा – घर की पहली पाठशाला होती है मां

सरगुजा। अंतर्राष्ट्रीय मातृत्व दिवस के अवसर पर सरगुजा पुलिस द्वारा रेंज स्तर पर कामोंदा विहार के सभाकक्ष मे आयोजित मातृत्व सम्मान समारोह मे पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज अंकित गर्ग (भा.पु.से.) के गरिमामयी उपस्थिति मे कार्यक्रम की शुरुवात हुई।

कार्यक्रम की शुरुवात दीप प्रज्वलन कर की गई, इसके साथ ही अपना सर्वस्व न्योछावार कर उच्च बलिदान देने वाले वीर शहीद जवानो की माताओ ने कार्यक्रम के दौरान अपने शहीद परिवारों कों किया याद और सरगुजा पुलिस के इस मातृत्व सम्मान समारोह कार्यक्रम की सराहना की गई, कार्यक्रम के दौरान शहीद आरक्षक अमरदीप खलखो की माता श्रीमती अनिमा खलखो ने कहा कि उनका परिवार काफी कठनाई मे भी अपने बच्चो कों अच्छी शिक्षा दी, शहीद आरक्षक अमरदीप खलखो ने अपने युवाअवस्था मे पुलिस विभाग मे अपनी सेवा देने की इक्छा जताई थी, जिस पर परिवार ने सहमति दी, पुलिस विभाग मे भर्ती होने के बाद मेरे बच्चे की पोस्टिंग सुकमा मे हुई, दौरान सेवा नक्सली मुठभेड़ मे 21 मार्च 2020 कों वीर शहीद अमरदीप खलखो ने सर्वोच्च बलिदान देकर शहीद हुए, मैंने उस परिस्थिति मे भी हिम्मत रखकर आज इस कार्यक्रम मे शामिल हुई हू, शहीद परिवार कों आप जैसे कई पुत्र मिले हैं जो हमें हर समय याद करते हैं।

पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज अंकित गर्ग ने अंतर्राष्ट्रीय मातृत्व दिवस के अवसर पर कहा कि मातृत्व दिवस पर आयोजित कार्यक्रम मे सरगुजा रेंज से आए हुए सभी पुलिसकर्मियों के परिवारो का स्वागत एवं सम्मान करता हू, माँ और उनके मातृत्व के सम्मान के लिए किसी विशेष दिन की आवश्यकता नही हैं, माँ कि भूमिका बताने के लिए शब्दो की कोई अवश्यकता नही हैं, माँ और संतान के बीच सबसे निश्छल और पवित्र रिश्ता होता हैं जो दुनिया मे सबसे अनमोल और खूबसूरत हैं, मशहूर चित्रकार लियोनार्डो ने कहा था माँ एक जीता जगता चमत्कार हैं, और ये चमत्कार भगवान ने माँ के रूप मे अपने बच्चों के लिए भेजा हैं, पुलिस विभाग मे ड्यूटी की कोई सीमा नही हैं, 24 घंटे ड्यूटी होती हैं, पुलिस परिवार के सदस्य जानते हैं कि ड्यूटी कितनी कठिन हैं, पिता विभाग के कार्यों एवं अन्य सेवा मे तैनात रहते हैं उस स्थिति मे माँ कों पिता के कर्तव्यों का भी निर्वहन करना पड़ता हैं, ऐसे सुखद दिन मे आप सभी माताओ का सम्मान करना गर्व की बात हैं।

पुलिस अधीक्षक सरगुजा विजय अग्रवाल ने कहा कि 1914 मे विश्व मातृत्व दिवस कि शुरुवात हुई हैं, तब से आज तक लगातार विश्व मातृत्व दिवस मनाया जा रहा हैं, मातृत्व दिवस पर या अन्य दिनों मे भी माँ के बारे मे कुछ भी बताने या अभिव्यक्त करने की अवश्यकता नही हैं, घर पहली पाठशाला और माँ उस पाठशाला की प्रधानपाठक होती हैं जहा से हम इस दुनिया की पहली परिचय प्राप्त करते हैं, माँ की वजह से ही प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन मे सर उठकर जीते हैं आज इन्ही माताओ की वजह से पुलिस परिवारके बच्चे आगे बढ़ रहे हैं पुलिस विभाग कों गौरवान्वित कर रहे हैं, शहीद पुलिस परिवारों की माताओ का सामान करना आईजी सर के निर्देशन से ही संभव हुआ हैं, पुलिस परिवार से जुडी समस्याओं पर गंभीर और हरसंभव प्रयास किये जाने की बात कही गई, कार्यक्रम मे शहीद परिवार की माताओ कों शाल श्रीफल देकर देकर सम्मनित किया गया साथ ही शिक्षा एवं खेलकूद मे अव्वल आए पुलिस परिवारों के बच्चों की माताओ कों सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान संभागीय सेनानी राजेश पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक पीटीएस मैनपाट सचिन्द्र चौबे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों,नगर पुलिस अधीक्षक रोहित कुमार शाह, प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक शुभम तिवारी, कार्यक्रम संयोजक सुरेन्द्र वर्मा, अध्यक्ष डॉ इति चतुर्वेदी हार्मोनी सेवा समिति, संतोष वर्मा, सुजित चतुर्वेदी सहित सरगुजा रेंज के समस्त जिलों से आए पुलिस परिवार की माताएँ एवं सदस्य,सहित काफी संख्या मे पुलिस अधिकारी/कर्मचारी कार्यक्रम मे शामिल रहे।

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