दुर्ग। पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने दुर्ग रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सुरक्षा, निगरानी और साइबर जागरूकता को लेकर दिए गए निर्देश दिए। इसके अलावा RPF एवं GRP को नियमित संयुक्त चेकिंग एवं मॉक ड्रिल के निर्देश भी दिए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुंचे और स्टेशन में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। श्री अग्रवाल ने साइबर सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, संदिग्धों की पहचान करने और नशा मुक्ति अभियान पर विशेष देने और AI आधारित फेस रिकग्निशन व हाई क्वालिटी कैमरों लगाने की हिदायत दी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल ने 29 जुलाई 2025 को रेलवे स्टेशन दुर्ग का निरीक्षण किया गया। उनके साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा,जिला बल, रेल पुलिस बल (RPF) एवं GRP के अधिकारीगण मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान स्टेशन की सुरक्षा, तकनीकी निगरानी और साइबर अपराध की रोकथाम को लेकर कई आवश्यक निर्देश जारी किए गए।
स्टेशन के अंदर 36 कैमरे लगाए गए हैं। जबकि कुल 48 कैमरे लगाने का प्रस्ताव था। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने एसपी ने जल्द से जल्द शेष कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं।पुराने एवं अव्यवस्थित कैमरों के स्थान पर बुलेट कैमरे लगाने और लिफ्ट, सीढ़ी व एस्केलेटर जैसे स्थानों पर कैमरों लगाने के लिए कहा है।
प्रकाश व्यवस्था में सुधार के निर्देश देते हुए कहा गया कि कैमरे के पीछे लाइट हो, ताकि रिकॉर्डिंग स्पष्ट दिख सके। RPF एवं GRP को संयुक्त रूप से टिकट काउंटरों के आसपास घूम रहे संदिग्धों की चेकिंग करने,स्थानीय पुलिस व BDS टीम के सहयोग से मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान RPF थाने के लॉकअप में गेट पर जाली लगाने RPF डेस्क पर पुलिस कंट्रोल रूम का मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने की बात कही गई। नशा करने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर नशा मुक्ति केंद्र भेजने और जिला पुलिस द्वारा तैयार साइबर जागरूकता जिंगल्स को स्टेशन पर प्रसारित करने के निर्देश भी शामिल थे।
SSP ने ज़िगज़ैग बेरिकेड्स की सराहना करते हुए कहा कि इस व्यवस्था को जिले में भी अपनाया जाना चाहिए। साथ ही, RPF एवं GRP के लिए समय-समय पर साइबर अपराधों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की भी आवश्यकता बताई, जिससे साइबर हमलों व अपराधों से बचाव किया जा सके। निरीक्षण के दौरान SSP ने कहा कि “रेलवे स्टेशन जैसी संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा के सभी आयामों पर सघन कार्य होना आवश्यक है। तकनीक का उपयोग कर हम निगरानी को बेहतर बना सकते हैं।